विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने विधानसभा प्रवास के द्वितीय दिवस पर मौके पर चौका मारते हुए कह दी यह बात
लालकुआं।
लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के द्वितीय दिवस के प्रवास कार्यक्रम के तहत रविवार को स्वयंवर बैंक्वेट हॉल, पुराना बिंदुखेड़ा (बिंदुखत्ता) में जैविक एवं प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों, युवाओं और आमजन ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचने तथा भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने के लिए किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर अग्रसर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैविक खेती मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी प्रभावी माध्यम है।
इस दौरान विधायक बिष्ट ने मौके पर चौका मारते हुए कहा कि वर्ष 2006 से बिंदुखत्ता क्षेत्र में विद्युतीकरण और नए बिजली कनेक्शनों पर लगी रोक को उनके प्रयासों से हटाया गया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था के उच्चीकरण के लिए करोड़ों रुपये की योजनाओं पर कार्य कराया जा रहा है, जिसे उन्होंने अपने कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि बताया।
राजस्व गांव के मुद्दे पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक लाभ के लिए क्षेत्र की जनता को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं, जबकि चुनाव समाप्त होने के बाद उनका क्षेत्र से कोई सरोकार नहीं रहता।
कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिनेश खुल्बे, मंडल अध्यक्ष विजय रोहित दुमका, मंडल अध्यक्ष अरुण जोशी, जिला मंत्री प्रकाश आर्य, वरिष्ठ भाजपा नेता कुंदन सिंह चुफाल, भाजयुमो जिला कार्यालय मंत्री मनीष बोरा, विजय जोशी, पप्पू कोश्यारी, विनोद भट्ट, नरेंद्र सिंह मेहरा, जगदीश पंत, राकेश जोशी, रमेश कुन्याल, अभिषेक शर्मा, सोनू पांडे और हरेंद्र बिष्ट सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, मातृशक्ति, युवा एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना रहा। कार्यशाला के अंत में उपस्थित किसानों ने जैविक खेती को अपनाने का संकल्प लिया।
