बिंदुखत्ता सहित वन भूमि पर बसे गांवों को राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया सफल होगी: डॉ. मोहन सिंह बिष्ट
लालकुआं। विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने विधानसभा में शेष वक्तव्य पत्र के माध्यम से सचिव विधानसभा को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि बिंदुखत्ता को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला स्तरीय समिति और जिलाधिकारी द्वारा राजस्व गांव की संस्तुति किए जाने की बात पूरी तरह सही नहीं है, क्योंकि सरकार की ओर से अभी तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति यह है कि जिलाधिकारी ने अभी संस्तुति नहीं दी है बल्कि मार्गदर्शन के लिए पत्रावली शासन को भेजी गई थी, जिसे शासन द्वारा पुनः जिलाधिकारी को भेजकर संस्तुति सहित आख्या देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 129 परिवारों के पास साक्ष्य होने पर उन्हें राजस्व में शामिल करने की सहमति जिलाधिकारी और शासन स्तर पर है, लेकिन उनका प्रयास है कि केवल कुछ परिवार नहीं बल्कि पूरे बिंदुखत्ता क्षेत्र को राजस्व ग्राम बनाया जाए।
डॉ. बिष्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता के साथ-साथ गौलापार, चोरगलिया, हंसपुर, ज्वालासाल, इंदिरानगर, रेखाल, तुनिखाल, डोली, बौड़खत्ता, हुरई खत्ता,सहित वन भूमि पर बसे सभी गांवों को राजस्व ग्राम बनाने के लिए वे लगातार प्रयास कर रहे हैं। क्षेत्र का प्रतिनिधि होने के नाते यह उनका कर्तव्य भी है।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह कर रहे हैं और इसे राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं, जबकि सरकार का उद्देश्य वन भूमि पर बसे सभी गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाना है।
विधायक ने विश्वास जताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई प्रक्रिया जल्द ही सफल होगी और बिंदुखत्ता सहित वन भूमि पर बसे सभी गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा मिलेगा।
अंत में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए बजट का समर्थन किया और अपने वक्तव्य को समाप्त किया।